हनुमंथपा-THE SNOWMAN

THE GREAT SOLDIER, THE HANUMANTHAPA

हनुमंथपा THE SNOWMAN
THE HANUMANTHAPA

ये चित्र है 1 हिरो की यानी नायक की जिसने देश की रखवाली करते वक्त अपनी जान नही दी, जिसके शब्दकोश मे हारने नाम की कोइ शब्द ही नही बनी I जी हा ये वे जवान है जिन्होने देश की सेवा करते व्क्त अपनी जान नही दी और और मौत को भी हरा दिया I इनके सामने इनके डर से मौत भी भाग गयी, तो सोचो जरा देश के दुश्मस्नो का क्या हाल होता अगर गलती से भी वे इनके सामने आते I कहते है की प्रकृति की सामने किसी का नही चलता पर इन्होने तो प्रकृति को अपने सामने नही टिकने दिया इनकी वीरता का बखान कैसे किया जाये यह समझ नही आता I मेरे हिसाब से आप इस इतिहास के सबसे बडे नायक है और आपका तुलना किसी और से नही किया जा सकता, आप तो वो है जिसके सामने प्रकृति भी हार मान गयी किसी मे इतना दम कहा की आपसे तुलना किया जाये I 

हनुमंथपा का जन्म सन 1983 मे 1 जुन को कर्नाटक के धारवाड जिले मे हुआ था, इन्होने देश सेवा को अपना धर्म माना और देश सेवा के लिये आर्मी की 19 मद्राश रेजिमेंट मे भर्ती होकर अपना देश सेवा सुरु किया और देश सेवा करते वक्त अपने सामने किसी भी तरह की मुश्किलो के सामने टिके रहे ये अपने देश के लिये जान देना नही चाहते थे इसिलिये ये उस सियाचिन की शुन्य से निचे 45 डिग्री की तापमान पर बर्फ की 35 फीट मोटी चादर के निचे बैठे भी बैठकर इंतेजार कर रहे थे की फिर कब इन्हे मौका मिले अपनी ड्युटी पर जाने का और ये 6 दिनो तक वहा पर इंतेजार करते रहे, मौत हमे गर्व है ऐसे वीर जवान पर, हमे गर्व है ऐसी वीर नारी पर ज्न्होने ऐसे वीर पुत्र को जन्म दिया, गर्व है हर एक भारतीय को उनके सैनिक इतने वीर है, गर्व है ये मिशाल है हर एक सैनिक के लिये और आने वाले पिढियो के लिये की वे भी ऐसे वीर बने जिससे दुनिया को कौन कहे इस पृथ्वी की प्रकृति ही हार मानती है I

आप को हम बचा ना सके हमे इसका दुख है, आपको कोइ हरा नही सका इसका हमे खुशी है, आपको हम फिर ड्युटी पर भेज ना सके इसका हमे दुख है, आप ने अपना देश की सेवा की जिस कदर उस तरह हम आपका सेवा नही कर पाये हम आपके लिये कुछ ना कर पाये ये हमारी जिम्मेदारी थी की जब आप आये थक कर आये हम आपको दुबारा भेजे पर हम हार गये, हम आपको नही भेज पाये दुबारा I

आपने जो किया उसके लिये आपको बहुत बहुत धन्यवाद, जब तक पृथ्वी रहेगी आप याद आओगे हमे, हम मर के भी आप को भुला नही पायेंगे, आप तो अमर हो गये हनुमंथपा हमे छोड के अब जब भी याद आपकी आती है, शर्म हमे आता है हम आप बचा ना पाये ये गम हमको रुलाता हैI

आपका किया हम भुला नही पायेंगे,

अनंत काल तक आपकी वीर गाथा गायेंगे I

स्नोवमैन है नाम आपका जिससे प्रकृति डरती है,

आपके चरणो मे समस्त भारतीय अपना शिश रखते  I

जय हनुमंथपा

 

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